रविवार को, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE ), इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स काउंसिल, इंडियन फिल्म एंड टेलिविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA ), वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि और कई गणमान्य ने क्लोज डोर बैठक की, जिसमें उन्होंने कोरोनो महामारी के मद्देनजर 19 से 31 मार्च तक टीवी शो, फिल्मों, विज्ञापनों और ओटीटी कंटेंट की शूटिंग को रोकने का फैसला किया था।

हालांकि, मंगलवार, 17 मार्च को, निर्माताओं को तुरंत सभी काम रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके मद्देनजर, FWICE ने दैनिक वेतन श्रमिकों को राशन और बुनियादी जरूरत की सामग्री वितरित करने का फैसला किया है जो अचानक रुके हुए काम से प्रतिकूल रूप से प्रभावित होंगे। फिल्मिस्तान स्टूडियो (गोरेगांव) में 22 मार्च से शुरू होने वाले एक पूरे सप्ताह के लिए वितरण आयोजित किया जाएगा। अराजकता या बड़े सार्वजनिक समारोहों से बचने के लिए, महासंघ ने एक योजना तैयार की है।

FWICE के मुख्य सलाहकार और IFTDA के प्रमुख अशोक पंडित ने इसके बारे में बात करते हुए कहा, “यह हमारे श्रमिकों को दैनिक मजदूरी पर जीवित रहने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अस्थायी बंद के कारण उनकी रोटी रोजी बेहद प्रभावित हुए हैं। इसलिए, हम उन श्रमिकों को चावल, दाल और आटा जैसी बुनियादी चीजें वितरित करेंगे, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। सामूहिक जमावड़े से बचने के लिए, हम पूरे सप्ताह, पूरे दिन, स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल फॉलो करके गतिविधि करते रहेंगे। इसलिए, उक्त दिन, हमारे पास आने वाले दो से अधिक अस्सोसिअशनो के कार्यकर्ता नहीं हो सकते हैं। हमारे पास कार्यक्रम स्थल पर सप्ताह भर के लिए डॉक्टर और एम्बुलेंस भी हैं, इसलिए यदि कोई अस्वस्थ लगता है, तो हम उन्हें तुरंत भेज सकते हैं। समर्थन करने के लिए आगे आने वालों में निर्माता हेमंत रूपरेल और रणजीत ठाकुर, और फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी, साजिद नाडियाडवाला, आनंद एल राय, डेविड धवन शामिल थे। उनके अलावा, जावेद अख्तर, सोनम कपूर आहूजा, मधुर भंडारकर और अनुपम खेर जैसे फिल्म जगत के अन्य लोगों ने भी इस अभ्यास में फेडरेशन की सहायता के लिए कदम बढ़ाया है। हम उनके आभारी हैं।”